आज के समय में मार्केटिंग करने के तरीके भी दिन-ब-दिन बदलते जा रहे हैं। अब कंपनियां भी पारंपरिक माध्यमों से दूर हो कर डिजिटल पलटफोर्म टूल्स का उपयोग कर रही हैं।

– जिसमे से व्हाट्सप्प एपीआई शक्तिशाली उपकरण है – व्हाट्सप्प बिज़नेस एपीआई ये छोटे और बड़े बिज़नेस के लिए बनाया है, जिससे ग्राहकों सीधे और प्रभावशाली तरीके से एक -दूसरे के साथ में जुड़ सकते हैं।

#व्हाट्सप्प बिज़नेस एपीआई क्या है?

व्हाट्सप्प एपीआई ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो की कंपनियों को अपने ग्राहकों के साथ सुरक्षित तरीके से बातचीत करने की सुविधा देता है। यह सामान्य व्हाट्सप्प एपीआई से अलग है और इसमें अधिक फीचर्स होते हैं, जैसे की :

– Broadcasts

– Chatbots को autosetup

– CRM को कनेक्ट करना

#व्हाट्सप्प एपीआई से मार्केटिंग करने के लिए मुख्य तरीके कौन से है?

1. ऑटोमेटेड चैटबॉट
अब बडी कंपनियां Chatbot की मदद से ग्राहकों को तुरंत ही जवाब दे सकती हैं।
उदाहरण के लिए, :- कोई भी ग्राहक जब “Hello” मैसेज को भेजता है तो उसे अपने आप ही कुछ बटन के मेनू दिखाई देते है। जिस से सेलेक्ट कर के सब प्रकार की जानकारी मिल जाती है.

2. पर्सनलाइज्ड मैसेजिंग के ज़रिए
व्हाट्सप्प एपीआई से अपने पुराने कस्टमर को री-एंगेज भी कर सकते हैं, जैसे की ,

– आपका लिया हुआ पिछला ऑर्डर कैसा था ?

– इस सप्ताह में कुछ प्रोडक्ट पर ऑफर है.

3. ब्रॉडकास्ट मैसेजिंग करना
व्हाट्सप्प एपीआई के जरिये से हजारों ग्राहकों को एक ही साथ में मैसेज को भेज सकते हैं, जिस से की एक ही साथ में सब मैसेज को साथ में भेज सकते है और समय की बचत भी होती है.

फॉर एक्साम्प्ले के लिए :-

– कस्टमर को नई प्रोडक्ट के जानकारी

– ऑफर और कुछ डिस्काउंट

4. टेम्प्लेट मैसेजिंग
व्हाट्सप्प एपीआई से मैसेज को भेजने के लिए टेम्पलेट को तैयार कर के भेज सकते है।

– एक बार स्वीकृति मिल जाने के बाद, आप उसी टेम्प्लेट का इस्तेमाल भी कर सकते है।

5. इंटरएक्टिव बटन बनाना
व्हाट्सप्प एपीआई इंटरएक्टिव बटन की भी सुविधा देता है, जैसे की ,

– Buy Now, शॉप नाउ आदि

वाइडर से जुड़ें – Meta द्वारा प्रमाणित BSP से API को इंटीग्रेट करें।

#WhatsApp API से मार्केटिंग के लिए फायदे होते है ?

85% से ज्यादा ओपन रेट : ईमेल की तुलना में व्हाट्सप्प पर मैसेज को ज्यादा बार पढ़े जाते हैं। और उनका जवाब दिया जाता है।

– रीयल-टाइम में कम्युनिकेशन : ग्राहक को तुरत ही जवाब मिलने से विश्वसनीयता और भी बढ़ती है।

– पर्सनल और डायरेक्ट कम्युनिकेशन होने के कारण से कन्वर्ज़न ज्यादा होती है।

– ऑडियंस को उनके व्यवहार और रुचि के अनुसार ही वर्गीकृत करना चाहिए।

– ऑप्ट-इन फॉर्म को तैयार करना ताकि वे अनुमति लें कि वे WhatsApp मैसेज प्राप्त करना चाहते हैं।

– अपने प्रोडक्ट को बार बार अपडेट, ऑफर के बारे में पहले से टेम्प्लेट को तैयार रखें।

– सर्विस प्रोवाइडर से जुड़ें – Meta द्वारा प्रमाणित BSP से API को इंटीग्रेट करें।